Tuesday, July 28, 2026
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डीआरआई की देशव्यापी बड़ी कार्रवाई: 440 से अधिक संरक्षित वन्यजीव और 15 किलो हाथीदांत जब्त, 33 तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026

प्रणय मिश्रा
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने पूरे देश में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए समन्वित अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई में 440 से अधिक लुप्तप्राय एवं संरक्षित वन्यजीवों को बचाया गया, लगभग 15 किलोग्राम हाथीदांत और उससे बनी वस्तुएं जब्त की गईं तथा 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

डीआरआई के अनुसार, 10 जुलाई को राजस्थान के सुजानगढ़ के पास हाथीदांत के अवैध व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए करीब 11 किलोग्राम हाथीदांत जब्त किया गया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर वन विभाग को सौंपा गया। वहीं, हावड़ा में हाथीदांत से बनी देवी-देवताओं की दो मूर्तियां बरामद की गईं, जिन्हें बांग्लादेश से तस्करी कर लाए जाने का संदेह है। मैसूर में भी 4 किलोग्राम हाथीदांत जब्त कर तीन लोगों को पकड़ा गया।

7 और 8 जुलाई को महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल में डीआरआई, सीबीआई और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के संयुक्त अभियान में अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया गया। इस दौरान 15 स्लो लोरिस, 2 बिंटुरोंग, 28 स्टार कछुए, 6 इजिप्शियन गिद्ध और 2 शिकरा पक्षियों सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों को सुरक्षित बरामद किया गया। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इसके अलावा बैंकॉक, कुआलालंपुर और कोलंबो से आने वाले यात्रियों के जरिए भारत में विदेशी संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी की कई कोशिशों को भी डीआरआई ने विफल किया। बरामद प्रजातियों में एल्बिनो रेड-ईयर्ड कछुआ, ग्रीन इगुआना, बियर्डेड ड्रैगन, बोर्नियो अजगर, मैंग्रोव मॉनिटर छिपकली, गिब्बन, ऊनी बंदर, स्किंक और विभिन्न दुर्लभ अजगर शामिल हैं।

बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई, कोलकाता, सूरत, त्रिची, मदुरै, वारंगल, श्रीकाकुलम, होजई (असम), राजस्थान, मैसूर और हावड़ा सहित कई शहरों में चलाए गए अभियानों के दौरान पैंगोलिन के शल्क, तेंदुए की खाल, सीहॉर्स से बने उत्पाद, रेड सैंडर्स, रेड सैंड बोआ समेत कई संरक्षित वन्यजीव एवं वन उत्पाद भी जब्त किए गए।

डीआरआई ने बताया कि इन अभियानों को सीबीआई, डब्ल्यूसीसीबी, सीमा शुल्क विभाग, राज्य वन विभागों और स्थानीय पुलिस के सहयोग से अंजाम दिया गया। विभाग ने कहा कि वन्यजीव तस्करी के संगठित नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी तथा भारत अपनी जैव विविधता की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के पालन के लिए प्रतिबद्ध है।

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