रायपुर, 13 जुलाई 2026
प्रणय मिश्रा

।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने रायपुर जिले के उर्ला औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कारखाने में हुए विस्फोट में तीन श्रमिकों की मौत और कई अन्य के घायल होने की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले को मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। रिपोर्ट में घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, मृतकों के परिजनों तथा घायलों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का पूरा विवरण शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 7 जून 2026 को उर्ला औद्योगिक क्षेत्र के एक कारखाने में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से जोरदार विस्फोट हुआ था। इस हादसे में तीन श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था और घटना के बाद संबंधित कारखाने को बंद कर दिया गया।
एनएचआरसी ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्टों में प्रकाशित तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह श्रमिकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। आयोग अब राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।

