
रायपुर, 17 जुलाई 2026।
बिलासपुर जिले में छात्र सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और शैक्षणिक परिसरों को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए शहर के चेतना भवन में जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों के प्राचार्यों एवं प्रबंधकों की बैठक आयोजित की। बैठक में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा यातायात नियमों के कड़ाई से पालन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन किया जाना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यातायात पुलिस ने संस्था प्रमुखों को नए कानूनी प्रावधानों, यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। लाल बत्ती पर रुकना, पीली बत्ती पर वाहन धीमा करना, हरी बत्ती होने पर ही आगे बढ़ना, ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना, पैदल चलते समय फुटपाथ का प्रयोग करना तथा मोबाइल या ईयरफोन का उपयोग नहीं करने जैसी सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी शिक्षण संस्थान अपने परिसर और आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह नशामुक्त बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। विद्यार्थियों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, वैध ड्राइविंग लाइसेंस रखने तथा सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति नियमित रूप से जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के जिला संगठक शितेष जैन, विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों के कार्यक्रम अधिकारी, प्राचार्य और प्रबंधन समितियों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी संस्था प्रमुखों ने छात्र सुरक्षा और सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

