Friday, November 6, 2026
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बीजेपी-कांग्रेस देखकर हो रहे जनहित के कार्य? विपक्षी पार्षदों ने जिलाधीश से की शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग

बीजेपी पार्षदों के वार्डों में बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किए निर्माण कार्य कराने का आरोप, वहीं कांग्रेस पार्षदों को एक साल से टेंडर का हवाला देकर कराया जा रहा इंतजार।

बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में जनहित के कार्यों को लेकर राजनीतिक भेदभाव और निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के वार्डों को देखकर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। भाजपा पार्षदों के वार्डों में बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किए निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों के लिए पिछले एक वर्ष से टेंडर का हवाला देकर उन्हें इंतजार कराया जा रहा है।

इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के नेतृत्व में विपक्षी पार्षदों ने जिलाधीश से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास सहित पार्षद तेजप्रताप सिंह, राजकुमार मिश्रा, राकेश अग्रवाल, संदीप डहरिया, शाहिद कुजूर एवं हेमंत शहानी ने संयुक्त रूप से बताया कि नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के अस्तित्व में आने के बाद से ही विभिन्न समस्याएं बनी हुई हैं। वर्तमान में निर्माण कार्यों को लेकर दोहरा रवैया अपनाए जाने का मामला सामने आया है।

विपक्षी पार्षदों के अनुसार, लगभग 10 महीने पूर्व बीटी सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया था, लेकिन करीब 10 महीने बाद उस टेंडर को निरस्त कर नया टेंडर जारी कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस पार्षदों को लगातार यह कहकर इंतजार कराया गया कि कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शुरू होगा। पुराने ठेकेदार द्वारा भी कार्य करने से मना किए जाने की बात सामने आई है।

पार्षदों ने बताया कि अब नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसकी निविदा खुलने की तिथि 19 नवंबर 2026 निर्धारित है। इसके बावजूद आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए संबंधित कार्यों का भूमिपूजन कर निर्माण कार्य भी पूर्ण करा लिया गया है।

विपक्षी पार्षदों का सवाल है कि जब टेंडर खुलने की निर्धारित तिथि 19 नवंबर 2026 है, तो उससे पहले निर्माण कार्य किस प्रक्रिया और किस स्वीकृति के आधार पर करा दिए गए? उनका आरोप है कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में तेजी से कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में केवल आश्वासन और टेंडर का हवाला दिया जा रहा है।

क्या विकास कार्यों में भी राजनीतिक भेदभाव होगा?

विपक्षी पार्षदों ने सवाल उठाते हुए कहा कि विकास कार्य किसी पार्टी विशेष के पार्षदों के वार्डों तक सीमित नहीं होने चाहिए। जनहित के कार्यों में भाजपा-कांग्रेस का भेदभाव किए बिना प्रत्येक वार्ड को समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जनता ने सभी वार्डों में अपने प्रतिनिधि चुने हैं और सभी नागरिकों को समान रूप से विकास एवं मूलभूत सुविधाएं प्राप्त करने का अधिकार है।

विपक्षी पार्षदों ने जिलाधीश से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा निर्माण कार्य करने वाली फर्म, कार्य की स्वीकृति देने वाले अधिकारियों एवं कार्य करवाने वाले जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।

जिलाधीश से शिकायत करने वालों में प्रमुख रूप से नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, पार्षद तेजप्रताप सिंह, राजकुमार मिश्रा, राकेश अग्रवाल, संदीप डहरिया, शाहिद कुजूर एवं हेमंत शहानी उपस्थित रहे।

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