
रायपुर, 17 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) ने फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) की निविदा और आपूर्ति प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन से लेकर कस्टम मिलिंग और चावल वितरण तक की पूरी व्यवस्था शासन के नियमों और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है।
संघ के अनुसार, उपार्जन, भंडारण और वितरण के हर चरण में तय प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार फोर्टिफाइड राइस की सार्वभौमिक आपूर्ति को फिलहाल स्थगित कर चरणबद्ध व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत राज्यों को आवश्यकता के अनुसार फोर्टिफाइड या सामान्य चावल वितरण का विकल्प दिया गया है, जिसका राज्य में पूर्ण पालन हो रहा है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 50,989 मीट्रिक टन के कार्य आदेश के विरुद्ध 41,899 मीट्रिक टन आपूर्ति की गई। वहीं वर्ष 2025-26 में 83,050 मीट्रिक टन के कार्य आदेश के मुकाबले 5,834 मीट्रिक टन एफआरके की आपूर्ति नियमानुसार की जा चुकी है, जबकि शेष वितरण प्रक्रिया जारी है।
मार्कफेड ने यह भी बताया कि सभी क्रय, मिलिंग और परिवहन कार्य अधिकृत एजेंसियों और अनुबंधों के माध्यम से किए जा रहे हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों ने आम जनता और हितधारकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की शंका होने पर संबंधित विभाग से संपर्क करें।

