Friday, September 11, 2026
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चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा आधी, अब 2,000 क्विंटल तक ही रख सकेंगे स्टॉक

नई व्यवस्था 15 सितंबर 2026 से लागू, 30 नवंबर 2026 तक रहेगी प्रभावी; कोलकाता क्षेत्र में 4,000 क्विंटल की सीमा बरकरार

1 सितंबर 2026। प्रणय मिश्रा

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केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, जमाखोरी और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा घटा दी है। अब देशभर में चीनी व्यापारी एक समय में अधिकतम 2,000 क्विंटल चीनी का ही भंडारण कर सकेंगे।

नई व्यवस्था 15 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इससे पहले 1 अगस्त 2026 से व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल निर्धारित थी। यानी सरकार ने सामान्य स्टॉक सीमा को 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दिया है।

व्यापारियों के लिए नए नियम

संशोधित व्यवस्था के तहत 15 सितंबर 2026 से चीनी व्यापारियों को:

  • किसी भी स्टॉक को उसकी प्राप्ति की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक अपने पास नहीं रखना होगा।
  • देश में किसी भी स्थान पर, किसी भी समय 2,000 क्विंटल से अधिक चीनी का भंडार नहीं रखना होगा।
  • कोलकाता और इसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र में स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल ही रहेगी।

कोलकाता में 4,000 क्विंटल की सीमा क्यों?

सरकार के अनुसार, कोलकाता क्षेत्र उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से चीनी प्राप्त करता है और पूर्वोत्तर सहित देश के पूर्वी हिस्सों में इसकी आपूर्ति करता है। इसी वजह से कोलकाता और आसपास के विस्तारित महानगरीय क्षेत्रों के लिए 4,000 क्विंटल की मौजूदा सीमा बरकरार रखी गई है।

जमाखोरी रोकने पर सरकार का जोर

सरकार का कहना है कि स्टॉक सीमा को 4,000 से घटाकर 2,000 क्विंटल करने से चीनी की जमाखोरी और सट्टेबाजी को हतोत्साहित किया जा सकेगा। इससे आपूर्ति श्रृंखला में चीनी की सुचारू आवाजाही बनी रहेगी और उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर चीनी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

सरकार ने देशभर में चीनी मिलों, डीलरों और व्यापारियों के चीनी भंडार की गहन निगरानी और भौतिक सत्यापन भी किया है। इस दौरान निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने, जानकारी छिपाने तथा चीनी के भंडारण, आवाजाही और बिक्री में अनियमितताओं के मामलों की पहचान की गई है।

मिल स्तर पर कीमतों में करीब 20 प्रतिशत गिरावट

सरकार के अनुसार, बाजार में चीनी की उपलब्धता में सुधार और उठाए गए विभिन्न कदमों के परिणामस्वरूप हाल के दिनों में मिल से सीधे मिलने वाली चीनी की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। खुदरा बाजार में भी कीमतों में गिरावट का रुझान दिखाई देने लगा है।

ऑनलाइन स्टॉक घोषणा और निगरानी जारी

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से चीनी भंडार की नियमित घोषणा और उसे अपडेट करने की व्यवस्था लागू की गई है। आने वाले सप्ताहों में चीनी मिलों, डीलरों और व्यापारियों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन जारी रहेगा।

केंद्र सरकार ने कहा है कि 15 सितंबर से लागू होने वाली 2,000 क्विंटल की नई सीमा का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता, व्यवस्थित आपूर्ति और कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है। साथ ही वास्तविक व्यापार और वितरण गतिविधियों को बिना किसी बाधा के जारी रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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