स्वस्थ शरीर के लिए लिवर का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है, लेकिन अधिकांश लोग अपने लिवर की स्थिति से अनजान रहते हैं। दिल, किडनी या ब्लड शुगर की तरह लोग लिवर की नियमित जांच पर कम ध्यान देते हैं, जबकि यह शरीर का सबसे मेहनती अंग है। लिवर भोजन को पचाने, शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और कई महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं को संचालित करने का कार्य करता है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लिवर की शुरुआती खराबी अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती रहती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ सामान्य संकेतों पर घर बैठे ध्यान देकर लिवर की स्थिति का प्रारंभिक अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि यह किसी मेडिकल जांच का विकल्प नहीं है, लेकिन जागरूकता बढ़ाने में मददगार हो सकता है।
पहला सेल्फ-चेक दाईं ओर पसलियों के नीचे हल्का दबाव देकर किया जा सकता है। यदि इस स्थान पर दर्द, भारीपन या असामान्य तनाव महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहेगा।
दूसरे सेल्फ-चेक में दीवार के सहारे बिना कुर्सी के बैठने जैसी स्थिति में लगभग 20 सेकंड तक रुकने की सलाह दी गई है। यदि इस दौरान पैरों में अत्यधिक कंपन, जलन या कमजोरी महसूस हो तो यह शरीर की फिटनेस और मांसपेशियों की स्थिति का संकेत हो सकता है। हालांकि यह परीक्षण सीधे लिवर की बीमारी की पुष्टि नहीं करता।
तीसरे चरण में आईने के सामने आंखों और जीभ का निरीक्षण करने की बात कही गई है। आंखों के सफेद हिस्से में पीलापन दिखाई देना पीलिया या लिवर संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। वहीं जीभ पर असामान्य परत दिखने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
चौथे सेल्फ-चेक में सीधे खड़े होकर पेट को अंदर खींचकर 20 सेकंड तक रोकने की सलाह दी गई है। यदि पेट अत्यधिक सख्त महसूस हो या आसानी से अंदर न जाए, तो यह पेट के अंदर जमा अतिरिक्त चर्बी (विसरल फैट) का संकेत हो सकता है, जो फैटी लिवर जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि चारों में से सभी परीक्षण सामान्य रहें तो यह अच्छी बात है, लेकिन दो या उससे कम परीक्षणों में असामान्यता महसूस होने पर जीवनशैली में सुधार के साथ चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। लगातार दर्द, आंखों में पीलापन, अत्यधिक थकान या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन पर्याप्त पानी पीना, सप्ताह में कम से कम पांच दिन 20 मिनट तेज चाल से चलना तथा अत्यधिक चीनी और तली-भुनी चीजों का सेवन कम करना लाभदायक माना जाता है। विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि घरेलू सेल्फ-चेक केवल जागरूकता के लिए हैं और इन्हें किसी चिकित्सकीय जांच या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।


