प्रणय मिश्रा
कटघोरा। कटघोरा को पृथक जिला घोषित करने की मांग एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को लेकर अब स्थानीय अधिवक्ता खुलकर आंदोलन के मैदान में उतर आए हैं। अधिवक्ता संघ कटघोरा ने इस मुद्दे पर व्यापक जनसमर्थन जुटाने और शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है।
इसी उद्देश्य से अधिवक्ता संघ कटघोरा के तत्वावधान में अधिवक्ता कक्ष क्रमांक-01 में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और कटघोरा को जिला बनाए जाने की मांग पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि कटघोरा जिला बनने के लिए आवश्यक सभी प्रशासनिक, भौगोलिक एवं जनसंख्या संबंधी मापदंडों को पूरा करता है। उनका कहना था कि क्षेत्र की जनता को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए कटघोरा को पृथक जिला घोषित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
गहन विचार-विमर्श के बाद अधिवक्ता संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 6 जुलाई, सोमवार को पूरे कटघोरा शहर में एक विशाल बाइक रैली निकाली जाएगी। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं जिला निर्माण समर्थक शामिल होंगे। रैली के समापन पर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम कटघोरा को सौंपा जाएगा।
अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन केवल अधिवक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। बाइक रैली और ज्ञापन सौंपने के बाद क्षेत्र के सामाजिक, व्यापारिक, युवा एवं विभिन्न जन संगठनों की बैठक आयोजित कर आंदोलन को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। सभी संगठनों को एक मंच पर लाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
संघ का कहना है कि यदि शासन स्तर पर मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए चरणबद्ध कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे, ताकि कटघोरा को जिला बनाने की मांग को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जा सके।
अधिवक्ता संघ ने क्षेत्र की जनता से भी 6 जुलाई की बाइक रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कटघोरा को जिला बनाने की इस मुहिम को मजबूत करने की अपील की है।
अधिवक्ता संघ का कहना है, “कटघोरा को जिला बनाना यहां की जनता का अधिकार है। 6 जुलाई की बाइक रैली इस जनआंदोलन की शुरुआत है। आने वाले समय में सभी सामाजिक एवं जन संगठनों के सहयोग से इस अभियान को और व्यापक रूप दिया जाएगा।”



