
कोरबा, 6 सितंबर 2026। खनन प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने रविवार को सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कटघोरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी, स्कूल और पीडीएस भवनों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई निर्माण कार्यों में निर्धारित मापदंडों के विपरीत सामग्री और निर्माण गुणवत्ता सामने आने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीढ़ी मंगवाकर मौके पर नपवाया सरिया
जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम जेन्जरा में डीएमएफ मद से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को स्लैब में लगाए गए सरिया की गुणवत्ता और माप को लेकर संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल मौके पर सीढ़ी मंगवाई और सब इंजीनियर से सरिया की माप कराई।
निर्माण में 8 एमएम सरिया लगाए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मौके पर कई स्थानों पर 6 एमएम सरिया पाया गया। अनियमितता सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य का पंचनामा तैयार कर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिम्मेदार सब इंजीनियर रामकुमार पोर्ते को निलंबित करने के निर्देश दिए।
स्कूल भवन में निर्धारित मापदंड के विपरीत टाइल्स
जेन्जरा में ही निर्माणाधीन स्कूल भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने फर्श पर लगाए गए टाइल्स की गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों की जांच की। टाइल्स मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए है। इस राशि से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पीडीएस भवन की नीची प्लिंथ पर जताई नाराजगी
ग्राम सलोरा में निर्माणाधीन पीडीएस भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने भवन की प्लिंथ जमीन के स्तर से काफी नीचे पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्कूल भवन अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग की निर्माण एजेंसी द्वारा कराए जा रहे भवन निर्माण का भी निरीक्षण किया। निर्माण में हो रहे विलंब पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और अक्टूबर माह तक भवन का निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्राम जेन्जरा स्थित जर्जर आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण कर उसकी स्थिति की जानकारी ली।
फाइलें रोकने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनपद पंचायत में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखे जाएं। फाइलों के लंबित रहने से निर्माण कार्यों का भुगतान प्रभावित होता है और आगामी विकास कार्यों में भी देरी होती है।
उन्होंने जनपद पंचायत कटघोरा के सीईओ को कर्मचारियों के कार्यों की जांच कर अनावश्यक रूप से फाइलें रोकने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जेन्जरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र पर समय पर कार्रवाई नहीं होने के मामले में संबंधित बाबू का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शासकीय राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही कराए जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

