बांकीमोंगरा। जिस स्थान को कानून और सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद केंद्र माना जाता है, यदि वहीं जब्त वाहन सुरक्षित न रह पाए, तो यह केवल एक चोरी की घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। बांकीमोंगरा थाना परिसर में खड़ी एक जब्त ट्रक से सामान चोरी होने के बाद लोगों में चिंता और नाराजगी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, 20 जून 2026 को खनिज निरीक्षक नंद साहू ने ओवरलोड गिट्टी परिवहन के मामले में ट्रक क्रमांक CG-30-F-8112 को जब्त कर बांकीमोंगरा थाना परिसर में खड़ा कराया था। वाहन मालिक के मुताबिक 10 जुलाई तक ट्रक सुरक्षित था, लेकिन 12 जुलाई को जब वह वाहन देखने पहुंचा तो ड्राइवर साइड का शीशा टूटा हुआ मिला। ट्रक में रखा जैक रॉड, टोचन, साउंड सिस्टम, चालक का बैग तथा अन्य सामान गायब था। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।




थाना प्रभारी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि इस घटना के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पुलिस अभिरक्षा में रखा गया जब्त वाहन ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक अपनी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर कितना आश्वस्त महसूस करेंगे।
यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि सरकारी अभिरक्षा में रखी संपत्ति की सुरक्षा का भी है। जब कोई वाहन जब्त कर थाना परिसर में रखा जाता है, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में थाना परिसर के भीतर चोरी की घटना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौती मानी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों की जल्द पहचान की जाए। साथ ही यदि सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाए। नागरिकों का कहना है कि थाना परिसर में सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाया जाए, नियमित गश्त हो तथा जब्त वाहनों का समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जनता का कानून और पुलिस व्यवस्था पर विश्वास तभी मजबूत रहेगा, जब कानून की अभिरक्षा में रखी गई संपत्ति भी पूरी तरह सुरक्षित रहे। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि इस चोरी का खुलासा कितनी शीघ्रता से होता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

