





बांकी मोंगरा, कोरबा। बारह रबीउल अव्वल के मुबारक मौके पर बांकी मोंगरा में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ पूरे अकीदत, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद ﷺ की विलादत की खुशी मनाई।
शाही मुमताज मस्जिद एवं मदरसा जामे गौसिया कमेटी के सदर मेराज खान की सरपरस्ती में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में मोमिन शामिल हुए। जुलूस के दौरान नात-ए-पाक और मनक़बत की सदाओं से पूरा माहौल रूहानी और खुशनुमा बना रहा। लोगों ने दरूद-ओ-सलाम पेश करते हुए पैगंबर-ए-इस्लाम ﷺ की शान में नात और मनक़बत पढ़ीं।
एकता और भाईचारे का दिया संदेश
जुलूस में बांकी मोंगरा के विभिन्न इलाकों से मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य रूप दिया। जुलूस के दौरान समाज की एकता, आपसी भाईचारे और सौहार्द की झलक देखने को मिली।
निर्धारित मार्ग से होकर जुलूस आगे बढ़ा। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। इस दौरान लगातार नात-ए-पाक एवं मनक़बत का सिलसिला चलता रहा। आयोजन के दौरान धार्मिक भावनाओं के साथ सामाजिक सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।
पुलिस प्रशासन का मिला सहयोग
जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मद्देनजर पुलिस एवं प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की गई। जुलूस के दौरान पुलिसकर्मी मौजूद रहे और व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग किया। गौसिया कमेटी एवं समाज के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
समाज के पदाधिकारियों ने जताया आभार
जुलूस के सफल आयोजन के बाद गौसिया कमेटी एवं समाज के पदाधिकारियों ने जुलूस में शामिल सभी मोमिनों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान समाज की एकता, अनुशासन और भाईचारे की जो मिसाल देखने को मिली, वह काबिल-ए-तारीफ है।
पदाधिकारियों ने कहा कि जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के माध्यम से मोहब्बत, अमन और भाईचारे का संदेश दिया गया। सभी के सहयोग से जुलूस शांतिपूर्ण एवं खुशनुमा माहौल में संपन्न हुआ। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले पुलिस प्रशासन, कमेटी सदस्यों, समाज के पदाधिकारियों और जुलूस में शामिल तमाम लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

