Friday, September 11, 2026
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खनन प्रभावित गांवों को आदर्श ग्राम बनाने कलेक्टर कुणाल दुदावत की पहल

ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनी समस्याएं, समग्र विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

कोरबा, 6 सितंबर 2026। कोयला उत्खनन से प्रभावित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ग्राम पंचायत ढेलवाडीह, जवाली, डोंगरी, रंजना, बतारी और बेलटिकरी का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और गांवों के समग्र विकास के लिए सुझाव एवं प्रस्ताव लिए।

कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के सरपंचों को पंचों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांव की प्राथमिक आवश्यकताओं की समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित ग्रामों में प्रत्येक परिवार को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। पेयजल, सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

डीएमएफ के स्वीकृत कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश

कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के तहत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पुराने लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने और नए स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण करने वाली ग्राम पंचायतों को नए कार्यों में प्राथमिकता दी जाएगी।

सड़कों की मरम्मत, पेयजल के लिए बोर एवं सोलर ड्यूल पंप, पानी की टंकियां, जर्जर स्कूल व आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत तथा नए आंगनबाड़ी एवं सामुदायिक भवनों के निर्माण को प्राथमिकता देने की बात कही।

बिजली बिल की शिकायतों के लिए गांव में लगेगा शिविर

ग्रामीणों ने अधिक बिजली बिल आने की शिकायत कलेक्टर के समक्ष रखी। इस पर उन्होंने विद्युत विभाग को गांव में शिविर लगाकर बिलों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इच्छुक परिवार ग्राम पंचायत के माध्यम से सोलर सिस्टम के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं जिन घरों में सोलर सिस्टम लगाना संभव नहीं है, वे 8 से 15 लोगों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम के लिए आवेदन कर सकते हैं।

बच्चों की शिक्षा और उच्च शिक्षा पर विशेष जोर

कलेक्टर ने ग्रामीणों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नीट, जेईई सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद देश के बड़े शासकीय शिक्षण संस्थानों में मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों की फीस जिला प्रशासन द्वारा संबंधित संस्था को भुगतान करने की व्यवस्था भी की जा रही है।

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

कलेक्टर ने महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से सिलाई सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार ई-रिक्शा, दोना-पत्तल मशीन, मिनी राइस मिल, आटा चक्की, कोसा धागाकरण, स्कूल ड्रेस, सिलाई, प्रिंटिंग प्रेस तथा कचरा संग्रहण जैसे कार्यों के लिए सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।

किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील

कलेक्टर ने किसानों को धान विक्रय के लिए चल रहे डिजिटल सर्वे एवं गिरदावरी की जानकारी दी और नए किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का पिछले वर्ष पंजीयन हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। वहीं नए पट्टे, रकबे में संशोधन या पिछले वर्ष पंजीयन नहीं कराने वाले किसानों को निर्धारित समय में पंजीयन कराने कहा।

उन्होंने किसानों से 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा में उपस्थित होकर गिरदावरी सूची में अपने नाम एवं रकबे का मिलान करने और त्रुटि होने पर समय रहते सुधार कराने की अपील की।

ई-रिक्शा से विद्यार्थियों और बुजुर्गों को मिलेगी सुविधा

गांवों में आवागमन की समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने प्रत्येक गांव में उपयुक्त युवक का चयन कर ई-रिक्शा संचालन की पहल करने को कहा। ई-रिक्शा का उपयोग विद्यार्थियों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए किया जाएगा। इसके लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही।

तीन माह में पेयजलापूर्ति शुरू करने के निर्देश

जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित ठेकेदारों को तीन माह के भीतर पेयजलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही कार्यों का सत्यापन और भुगतान किया जाएगा।

शिकायतों पर जांच और कार्रवाई के निर्देश

ग्रामीणों की शिकायतों पर कलेक्टर ने वन पट्टों, अधिक बिजली बिल, अवैध शराब एवं गांजा बिक्री तथा डोंगरी उच्चतर विद्यालय के अधूरे भवन सहित विभिन्न मामलों की जांच के निर्देश दिए। ग्राम बेलटिकरी में मानदेय शिक्षक की भर्ती में कथित अनियमितता की शिकायत की भी जांच करने को कहा गया।

ग्रामीणों ने पानी, स्ट्रीट लाइट, बाजार शेड, उप स्वास्थ्य केंद्र में पेवर ब्लॉक, जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत, सीसी सड़क, नालियों की सफाई, ढपढप में सड़क निर्माण और देवगुड़ी विकास सहित विभिन्न मांगें रखीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि खनन प्रभावित एवं बसाहट ग्रामों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने गांवों को आदर्श ग्राम बनाने में प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया।

इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर, जनपद सीईओ, बीईओ, तहसीलदार, ग्राम पंचायतों के सरपंच तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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