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कटघोरा, 06 जुलाई 2026।
कटघोरा को पृथक जिला बनाने की वर्षों पुरानी और जनभावनाओं से जुड़ी मांग ने सोमवार को एक बार फिर जोरदार स्वर प्राप्त किया। मूसलाधार बारिश के बावजूद अधिवक्ता संघ कटघोरा ने जिस अनुशासन, एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ विशाल कार रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, उसने यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि अब यह मांग केवल अधिवक्ताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे क्षेत्र की जन आकांक्षाओं का आंदोलन बन चुकी है।
सुबह से लगातार हो रही तेज बारिश के बीच भी अधिवक्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। काले कोट में सैकड़ों अधिवक्ता अपनी-अपनी कारों के साथ निर्धारित स्थल पर एकत्र हुए और “कटघोरा को जिला बनाओ”, “हमारा अधिकार हमें दो” तथा “कटघोरा जिला बनाकर रहेंगे” जैसे नारों के साथ ऐतिहासिक कार रैली निकाली। रैली शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों, चौक-चौराहों और मुख्य सड़कों से होकर गुजरी, जहां स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं ने हाथ हिलाकर तथा तालियां बजाकर आंदोलन का समर्थन किया।
वर्षों से जारी है कटघोरा को जिला बनाने की मांग
कटघोरा को जिला बनाने की मांग कोई नई मांग नहीं है। पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के अधिवक्ता, व्यापारी संगठन, सामाजिक संस्थाएं, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, युवा संगठन तथा आम नागरिक समय-समय पर धरना, प्रदर्शन, पदयात्रा, ज्ञापन, हस्ताक्षर अभियान और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कटघोरा भौगोलिक, प्रशासनिक और जनसंख्या की दृष्टि से जिला बनने की सभी आवश्यक योग्यताओं को पूरा करता है। इसके बावजूद अब तक जिला घोषित नहीं किया जाना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है।
भारी बारिश भी नहीं डिगा सकी अधिवक्ताओं का संकल्प
सोमवार की कार रैली ने यह साबित कर दिया कि कटघोरा के लोगों का संकल्प अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हो चुका है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भी सैकड़ों अधिवक्ताओं की मौजूदगी ने आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि प्राकृतिक बाधाएं उनके हौसलों को कमजोर नहीं कर सकतीं।
रैली के दौरान पूरा शहर “कटघोरा को जिला बनाओ” के नारों से गूंज उठा। कई स्थानों पर नागरिकों ने रैली का स्वागत करते हुए अधिवक्ताओं का उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया विस्तृत ज्ञापन
रैली के पश्चात अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री के नाम विस्तृत ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कटघोरा विशाल भौगोलिक क्षेत्र का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र है। इसके अंतर्गत बड़ी संख्या में ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र आते हैं, जहां के लोगों को आज भी अनेक शासकीय कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जिला बनने से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुलभ, प्रभावी और जनहितकारी होगी।
कटघोरा को जिला बनाने से क्षेत्र को मिलेंगे अनेक लाभ
अधिवक्ता संघ ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि कटघोरा को जिला घोषित किए जाने से पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
जिला बनने से—
आम नागरिकों को राजस्व, न्यायालय, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों तक शासकीय योजनाओं का लाभ अधिक तेजी से पहुंचेगा।
नए शासकीय कार्यालयों की स्थापना होगी।
रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
व्यापार, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।
प्रशासनिक निर्णयों में तेजी आएगी तथा जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण संभव होगा।
क्षेत्र के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
यह केवल जिला बनाने की मांग नहीं, विकास की लड़ाई है
अधिवक्ता संघ का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनता की सुविधा के लिए चलाया जा रहा है। कटघोरा लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का सामना कर रहा है। जिला बनने से न केवल प्रशासन मजबूत होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी।
अब बनेगा जन-आंदोलन
अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोमवार की कार रैली आंदोलन की शुरुआत भर है। आने वाले दिनों में क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठनों, व्यापारी संघों, युवा संगठनों, कर्मचारी संगठनों, किसान संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को साथ लेकर एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा, ताकि हर नागरिक इस अभियान का हिस्सा बन सके।
जिला बनने तक संघर्ष रहेगा जारी
अधिवक्ता संघ ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक कटघोरा को पृथक जिला घोषित नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से लगातार जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से और भी बड़े आंदोलन किए जाएंगे।
संघ ने शासन से अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग, जनभावनाओं और विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
अधिवक्ता संघ, कटघोरा का संदेश
“भारी बारिश हमारे कदम रोक नहीं सकी, क्योंकि यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य की लड़ाई है। कटघोरा जिला बनने की सभी योग्यताएं रखता है। अब समय आ गया है कि शासन जनता की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करे। जब तक कटघोरा जिला नहीं बनता, हमारा संघर्ष निरंतर, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।”

